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School Readiness Program 2025: बच्चों को भविष्य के लिए तैयार करने की पहल

Children participating in School Readiness Program 2025 under NEP 2020स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम 2025: बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करने की पहल।

School Readiness Program 2025: बच्चों को भविष्य के लिए तैयार करने की पहल

स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम 2025 (School Readiness Program 2025), राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बच्चों की बुनियादी साक्षरता और गणना कौशल को मजबूत करने के लिए शुरू किया गया है। यह कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित होगा। पहला चरण 20 जनवरी से 19 अप्रैल 2025 तक चलेगा। इसका उद्देश्य बच्चों को स्कूल शिक्षा के लिए तैयार करना है।

स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम: बच्चों को भविष्य के लिए तैयार करने की पहल

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत, पूर्व प्राथमिक शिक्षा में मूलभूत साक्षरता और गणना कौशल (Foundational Literacy and Numeracy) को बेहतर बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा कई प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में, शिक्षा मंत्रालय ने निपुण भारत मिशन के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित पांच से छह साल के बच्चों के लिए स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। यह कार्यक्रम नए साल में दो चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य बच्चों को स्कूली शिक्षा के लिए तैयार करना है।

कार्यक्रम के चरण:

  1. पहला चरण (20 जनवरी से 19 अप्रैल 2025):
    • इस चरण में, उन आंगनबाड़ी केंद्रों को शामिल किया जाएगा जो स्कूलों के साथ को-लोकेटेड (समीपस्थ) हैं।
    • यहां पांच से छह साल के बच्चों के भाषा कौशल, आरंभिक साक्षरता और पर्यावरणीय समझ का विकास किया जाएगा।
    • राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) और संबंधित डायट (जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान) इस चरण को सफल बनाने के लिए गतिविधियों का आयोजन करेंगे।
  2. दूसरा चरण:
    • यह चरण उन बच्चों के लिए होगा जो कक्षा एक में नवप्रवेशी हैं।
    • इसमें पहले चरण में मिले अनुभव और बच्चों के प्रदर्शन के आधार पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

प्रमुख उद्देश्य:

  • बच्चों को भाषा, संख्या और पर्यावरणीय अवधारणाओं में प्रारंभिक दक्षता प्रदान करना।
  • शिक्षा के प्रति बच्चों में रुचि और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना।
  • कक्षा एक में प्रवेश करने वाले बच्चों के सीखने के अंतर को पाटना।

क्रियान्वयन प्रक्रिया:

महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने सभी बीएसए (खंड शिक्षा अधिकारियों) को निर्देशित किया है कि इस कार्यक्रम के तहत बच्चों का सर्वेक्षण किया जाए। इसमें भाषा कौशल, प्रारंभिक गणना, और पर्यावरण से संबंधित चीजों की समझ का मूल्यांकन किया जाएगा। यह मूल्यांकन बच्चों की क्षमता को मापने और सुधारात्मक कार्यक्रमों को लागू करने में मदद करेगा।

संबंधित गतिविधियां:

  • शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • बच्चों के लिए खेल-आधारित और गतिविधि-आधारित शिक्षण सामग्री का उपयोग किया जाएगा।
  • अभिभावकों को भी कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा ताकि वे बच्चों की शिक्षा में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

महत्व और प्रभाव:

यह कार्यक्रम बच्चों के बुनियादी शिक्षा कौशल को मजबूत करने के साथ-साथ उन्हें स्कूली जीवन के लिए तैयार करेगा। निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। बच्चों को स्कूली शिक्षा के प्रति प्रेरित करने और उनके सीखने के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए यह प्रयास मील का पत्थर साबित होगा।

स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम न केवल बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता सुधार के लिए भी मार्ग प्रशस्त करेगा। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को पूरा करने और भविष्य की पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

By Bhavana Yadav

नाम: भावना यादव शैक्षणिक योग्यता: बी.ए., एम.ए. (संस्कृत) पेशा: गृहिणीपरिचय: भावना यादव एक समर्पित गृहिणी और लेखिका हैं, जिन्हें शिक्षा और लेखन से गहरा लगाव है। भावना को शिक्षा से संबंधित लेख लिखना, नई जानकारियाँ प्राप्त करना और बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि जगाना बेहद पसंद है। उनका मानना है कि शिक्षा को सरल, रोचक और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।रुचियां:शिक्षा पर लेख लिखना ज्ञानवर्धक साहित्य पढ़ना बच्चों के मानसिक विकास में योगदान देनाभावना यादव का उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से समाज को सशक्त बनाना है। उनके लेख प्रेरणा और सीखने के नए दृष्टिकोण प्रदान करते हैं।भावना यादव के साथ शिक्षा और प्रेरणा की इस यात्रा का हिस्सा बनें।

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