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यह निपुण विद्यार्थी सूचना रिपोर्ट जेनरेटर शिक्षकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, क्योंकि यह विद्यालयों में कक्षा 1 से 3 तक के छात्रों के नामांकन और उनकी योग्यता की श्रेणियों (निपुण, मध्यम, संघर्षशील) का विश्लेषण और गणना करना आसान बनाता है। इस टूल से शिक्षक और प्रधानाचार्य किसी भी माह में छात्रों की प्रगति का अवलोकन कर सकते हैं। यह टूल न केवल छात्रों की संख्या का विवरण देता है, बल्कि हर श्रेणी में आने वाले छात्रों की स्पष्ट रूप से पहचान करने में भी सहायक है।
मुख्य विशेषताएँ:
यह टूल शिक्षकों के लिए छात्रों की प्रगति को समझने और आगे की रणनीति तैयार करने में एक प्रभावी साधन साबित हो सकता है।
🔴 संघर्षशील छात्र: 0
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भारत में पहली बार डिजिटल जनगणना की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। यह जनगणना 2025 से शुरू होगी, जिसमें घर-घर जाकर जानकारी एकत्र की जाएगी। जनगणना में 34 सवाल पूछे जाएंगे, और प्रत्येक प्रगणक को अपने काम के लिए 25,000 रुपये का भुगतान किया जाएगा। इस बार जाति जनगणना को शामिल नहीं किया गया है, और परिवारों को एक विशेष आईडी नंबर दिया जाएगा।

भारत सरकार ने 2025 में होने वाली जनगणना की तैयारियों को गति दे दी है। यह जनगणना पूरी तरह से डिजिटल होगी और इसे घर-घर जाकर किया जाएगा। इसके लिए एक खास फॉर्म तैयार किया गया है, जिसमें कुल 34 सवाल शामिल हैं। इन सवालों के माध्यम से प्रगणक, जो जनगणना करने वाले अधिकारी होते हैं, घर के मुखिया से जानकारी इकट्ठा करेंगे।
जनगणना का कार्य 1 जनवरी 2025 से शुरू होगा, और इसके लिए सभी राज्यों की सीमाएं 31 दिसंबर 2024 को सील कर दी जाएंगी। यह सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है कि जनगणना के आंकड़ों में कोई परिवर्तन न हो। इस बार की जनगणना में मुख्य रूप से निम्नलिखित सवाल पूछे जाएंगे:
प्रगणक को 150 परिवारों की जानकारी जुटाने का लक्ष्य दिया गया है, जिसमें परिवार के सदस्यों की संख्या, जाति, लिंग, और अन्य आवश्यक जानकारी डिजिटल फॉर्म में दर्ज की जाएगी।
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इस बार की जनगणना में बैंक खातों से संबंधित जानकारी नहीं ली जाएगी। जाति जनगणना को लेकर चल रहे विवाद को भी इस बार जनगणना फार्म में शामिल नहीं किया गया है। केवल अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), पिछड़ा वर्ग, और अन्य को शामिल किया गया है।
हर परिवार को एक विशेष आईडी नंबर भी दिया जाएगा, जिससे उनकी पहचान और जानकारी को आसानी से प्रबंधित किया जा सकेगा। इस तरह, डिजिटल जनगणना की नई पहल न केवल डेटा संग्रहण की प्रक्रिया को आसान बनाएगी, बल्कि यह अधिक पारदर्शिता और सटीकता भी सुनिश्चित करेगी।
उत्तर प्रदेश में शिक्षकों के लिए निष्ठा (ECCE) 4.0 और निष्ठा (FLN) 3.0 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के सभी कोर्स दीक्षा पोर्टल के माध्यम से पुनः संचालित किए जा रहे हैं। जो शिक्षक पहले ये कोर्स पूरा नहीं कर सके हैं, वे 10 मार्च 2025 तक पुनः एनरोल करके इन्हें अवश्य पूरा कर लें। यह प्रशिक्षण ECCE (Early Childhood Care and Education) और FLN (Foundational Literacy and Numeracy) के महत्वपूर्ण पहलुओं को समझने और शिक्षण गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है।
महत्वपूर्ण तिथि: Enrolment की अंतिम तिथि 10/03/2025
| क्र. | कोर्स का नाम | लिंक |
|---|---|---|
| 1 | प्रारंभिक वर्षों का महत्व | लिंक |
| 2 | खेल-आधारित सीखने के परिवेश का नियोजन | लिंक |
| 3 | समग्र विकास के लिए खेल-आधारित गतिविधियाँ | लिंक |
| 4 | अभिभावकों एवं समुदायों के साथ भागीदारी | लिंक |
| 5 | स्कूल के लिए तैयारी | लिंक |
| 6 | जन्म से 3 साल – विशेष आवश्यकताओं के लिए प्रारंभिक हस्तक्षेप | लिंक |
| क्र. | कोर्स का नाम | लिंक |
|---|---|---|
| 1 | बुनियादी संख्यात्मकता | लिंक |
| 2 | सीखने का आकलन | लिंक |
| 3 | बुनियादी भाषा और साक्षरता | लिंक |
| 4 | प्राथमिक कक्षाओं में बहुभाषी शिक्षण | लिंक |
| 5 | दक्षता आधारित शिक्षण की ओर बढ़ना | लिंक |
| 6 | बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के लिए विद्यालय नेतृत्व | लिंक |
| 7 | विद्या प्रवेश एवं बालवाटिका की समझ | लिंक |
| 8 | बुनियादी साक्षरता एवं संख्यज्ञान मिशन का परिचय | लिंक |
| 9 | बुनियादी स्तर के लिए खिलौना आधारित शिक्षण | लिंक |
| 10 | शिक्षण अधिगम और मूल्यांकन में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का एकीकरण | लिंक |
| 11 | बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को समझना – बच्चे कैसे सीखते हैं? | लिंक |
| 12 | शिक्षण और सीखने के लिए संख्यात्मकता में कौशल विकास | लिंक |
उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकरण ने यूपी डीएलएड 2024 के लिए पंजीकरण की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। जिन उम्मीदवारों ने पहले आवेदन नहीं किया था, उन्हें अब एक और मौका दिया गया है। उम्मीदवार 22 अक्तूबर तक आवेदन कर सकते हैं और 23 अक्तूबर तक शुल्क का भुगतान कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया वेबसाइट updeled.gov.in पर उपलब्ध है।
परीक्षा नियामक प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश ने यूपी डीएलएड (Diploma in Elementary Education) 2024 के लिए आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 22 अक्तूबर कर दी है। जिन उम्मीदवारों ने अब तक आवेदन नहीं किया है, वे अब इस मौके का फायदा उठा सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया सरल है और इसे उम्मीदवारों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है। उम्मीदवारों को स्नातक की योग्यता के आधार पर मेरिट लिस्ट में शामिल किया जाएगा, और इसके बाद शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को काउंसलिंग के लिए बुलाया जाएगा। काउंसलिंग के दौरान दस्तावेज़ों का सत्यापन और सीट की पुष्टि की जाएगी।
आवेदन शुल्क:
सामान्य/ओबीसी: 700 रुपये
एससी/एसटी: 500 रुपये
पीडब्ल्यूडी: 200 रुपये
कैसे करें आवेदन: